मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हरेली त्योहार के अवसर पर राजधानी के नवागांव गौठान में गौ माता और कृषि यंत्रों की पूजा अर्चना की। उन्होंने गौ माता को गेंहू आटा की बनी लोंदी भी खिलाई। इस लोंदी में जड़ी बूटी और नमक रहता है जिससे पशुओं में बरसात के समय होने वाले मौसमी बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की साथ ही गौठान में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया। श्री बघेल ने वर्मी कंपोस्ट उत्पादन केन्द्र का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक श्री धनेन्द्र साहू जनप्रतिनिधि कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने वर्मी कंपोस्ट उत्पादन केन्द्र का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नवागांव गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन सहित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। वर्मी कम्पोस्ट में लगी महिला समूह की सदस्यों ने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी से उनके गौठान से प्रारंभ हुई। इससे 103 पशुपालक जुड़े हुए हैं जिन से अब तक 10481 क्विंटल गोवर खरीदी की जा चुकी है जिसमें से 1785 क्विंटल वर्मी गोठान समिति द्वारा बेचा जा चुका है और 5.50 लाख रुपये की आय हो चुकी है। साथ ही सुपर कम्पोस्ट 240 क्विंटल भी बेचा गया है, जिससे 33,000 रुपये मिल गए है। इससे 14 महिला समूह जुड़े है जो वर्मी उत्पादन, मछली मशरूम दोना पत्तल अर्क उत्पादन का कार्य करते हैं। उल्लेखनीय है कि गौठान में रिजर्व बैक के पूर्व गर्वनर श्री रघुराम राजन और ऑस्ट्रेलियाई, जर्मनी और अमेरिका इटली के प्रतिनिधि-मंडलों एवं देश के 27 सांसदों के टीम सहित अन्य राज्यों के प्रतिनिधि मंडल ने भी अवलोकन किया है और सराहना भी की है।

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

जोन्दा गौठान के महिला समूहों के सदस्यों की कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूह जोन्दा गोठान के सदस्यों से की मुलाकात की। महिला सदस्यों ने स्क्रीन प्रिंट से बोरा छपाई करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने उनके कार्य की सराहना की और कहा कि इसी प्रकार अच्छा कार्य करते रहे। यह समूह बोरा छपाई का काम करती है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती जानकी साहू के अनुसार उनके द्वारा रायपुर के विभिन्न गौठानों को बोरा छपाई का आपूर्ति की जाती है, जिसमें वर्मी कम्पोस्ट भरकर बेचा जाता है। अब तक करीब तीन लाख रूपए का व्यापार कर चुके हैं, उन्हें करीब सवा लाख रूपए की आय हो चुकी है।

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